Thursday, December 15, 2011

मां

अक्सर तेरी याद में

आंख मेरी भर आती है

मां! तू मुझे बहुत याद आती है.

तेरी गोद में लेटे हुए

अब महीनों बीत जाते हैं

तुझसे मिलने की आस में

दिन, बरसों की तरह कट पाते हैं.

मां! तेरी डांट खाने को

अब मेरे कान भी तरस जाते हैं

क्यों ये मजबूरियां मुझे तुझसे दूर कर जाती हैं

मां! तू मुझे बहुत याद आती है.

No comments:

Post a Comment