तू छोड दे मेरा साथ अगर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
लम्हा-लम्हा कटे ना रात मगर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
तेरे साथ अगर मैं जीता तो, मेरा जीवन सुख से भर जाता.
तेरे साथ अगर जी पाता तो, मैं तन्हा तन्हा ना रोता.
अब बेकाबू जज़्बात हुए, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
तू दूर सही मेरी जान मगर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
तू दूर है मुझसे आज मगर, कल तक तू मेरे पास थी.
है आज बस एक एहसास मगर, कल तक तू बहुत ही खास थी.
अब कहने को ना बात कोई, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
अब दिल मैं हैं जज़्बात नहीं, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
है प्यार मेरे ही दिल में, तेरे दिल में तो है कुछ भी नहीं.
है दर्द जो मेरे सीने में, तेरे पास है उसकी झलक नहीं.
है तन्हाई बस साथ मगर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
अब है आंखों में आंसू पर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
कोई भी ना है साथ मगर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
कैसे भी हों हालात मगर, मैं तेरे बिन भी जी लूंगा.
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