Thursday, December 15, 2011

ये एक नयी शुरुआत है...

जो भूल चुके हैं 'बिस्मिल' को, 'सुखदेव' को और 'आज़ाद' को,

लगता है उनको भी अब मेरी पुकार सुनाई देती है..

लेकर करवट अब देश मेरा कुछ बदला बदला सा लगता है,

अब आशा और विश्वास की फिर हुँकार सुनाई देती है...



ये एक नई शुरुआत है...

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जो कदम कभी थम जाते थे उन नेताओं के आने पर

वो कदम आज अब मेरे संग चलने के लिए तैयार हैं

जो साथ कभी चलते चलते पीछे को ही रह जाते थे

अब साथ उन्हे भी लेने का ये वक़्त बहुत माकूल है.

ये एक नयी शुरुआत है...

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ये देश मेरा था लूटा जब गौरो की कुछ औलादों ने,

तब भारत माँ के पूतों ने उनको बाहर कर डाला था.

अब देश मेरा जो लूटे हैं ये झूठे और मक्कार मनख

इनको भी बाहर करने का संकल्प लिए हम बैठे हैं.

ये एक नयी शुरुआत है...

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अब वक़्त है जीवन जीने का और चाक दिलो के सीने का

अब आपस के झगड़ों से हमको बच कर आगे बढ़ना है

अब हाथ-हाथ में ले के हमें दिल के बंधन से जुड़ना है

अब माता की सेवा में हमको सर्वस्व समर्पित करना है.

ये एक नयी शुरुआत है...

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