ना जाने क्यूं,
कुछ अच्छा महसूस ना हो रहा,
लग रहा, जैसे छूट गया हूँ मैं,
ज़िंदगी की दौड में,
पीछे, बहुत पीछे,
और मेरे साथ है,
केवल मेरी तनहाई,
जो दे रही है साथ मेरा,
हर घडी, हर पल,
मैं कोशिश करूं,
तो भी साथ नहीं छोडती है,
भीड में भी साथ चलती है मेरे,
हर घडी, हर पल, मेरी तनहाई...
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